Bakrid Economically
बकराईद सिर्फ खाने पीने का मसला नही हे । इसके साथ और भी कुछ बिंदु जुड़े हुए हे जो की राष्ट्रहित 🇮🇳 में उपयोगी हे। जेसे . . ईद उल अजहा के मौके पे लाखो जानवरों की कुरबानी होती हे जिससे देश का खरबों रुपियों का चमड़े का व्यवसाय तरक्क़ी करता हे उन्ही जानवरों की खालो से मन्दिरों और मठो में श्रधा से बजाए जाने वाले ढोल से लगाकर सेनिको के वस्त्र एवं देश की रक्षा में काम आने वाले हथियारो के कवर घोड़ों के ज़ीन बनाये जाते हें जानवरों कि खाल से बन्ने वाली वस्तुएँ जिसे देश का हर व्यक्ति उपयोग करता हे जेसे :- बेल्ट/पॉकेट /बटुआ /पर्स/कंपनी बेग, जेकेट, जूते, बाटा कि चप्पलें बनाई जाती हे जिसे हर व्यक्ति बड़े चाव से पेहेनता हे जानवर कि हड्डी शक्कर बनाते समय उस को साफ करने के काम आती हे और उसके कई अंगो से केप्सुल के कवर बनाए जाते हे तभी केप्सुल नोन्वेज होता हे . जानवर की आंते खाई नही जाती, उसकी आंतो से धागे बनाए जाते हे, उसी धागे द्वारा अस्पतालों में दुर्घटना में घायल लोगो के कटे फटे अंगो कों सिला जाता हे। जब कोई ईद विरोधी, ...